घरेलू उपचार का उपयोग किसके लिए किया जाता है?

घरेलू उपचारों की एक आम विशेषता यह है कि आमतौर पर उन्हें एक सामान्य व्यक्ति द्वारा भी उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए किसी विशेषज्ञता की आवश्यकता नहीं होती हैं, बशर्ते उपयोग की उचित विधि का ज्ञान प्राप्त किया गया हो।

उपचार की विधि के लिए आपको कोई रॉकेट साइंस पढ़ने की जरुरत नहीं हैं, आपको जो बीमारी ठीक करनी है उसका उपचार इस वेबसाइट पर उपलब्ध विस्तृत घरेलू उपचार शृंखला में देखिए और उसका इस्तेमाल कीजिए।

यह सुविधा आपको अद्वितीय और आनंददायक लगती है क्योंकि आप अपने आप को ठीक करने में सक्षम हैं। इनमें कुछ औषधीय गुण हैं इसलिए इनका सामान्य बीमारियों के उपचार में इस्तेमाल किया हैं।

घरेलू उपचार किस प्रकार अपना कार्य करते हैं?

अधिकांश घरेलू उपचार में निहित सामग्री विभिन्न तरीकों से जीवों के कारण होने वाले रोगों का निवारण करती है जैसे कि :-

· ये उपचार सूक्ष्म जीवों को मारते हैं या इनके गुणन को रोकते हैं।

· वे महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को ब्लॉक या उनमें हस्तक्षेप करते हैं, जो सूक्ष्मजीवों के अस्तित्व को जन्म दे सकती हैं उदाहरण के लिए, वे कवक में सेल दीवार के निर्माण को रोक देते हैं जिससे यीस्ट संक्रमण हो सकता है।

· वे सूक्ष्म जीवों के जीवित रहने के लिए अनुकूल वातावरण नहीं बनने देते हैं।

· वे प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करके भी शरीर को सूक्ष्म जीवों से लड़ने में सक्षम बनाते हैं। 



घरेलू उपचार के फायदे

हाल के दिनों में, विशेष रूप से इंटरनेट के आ जाने से, प्राकृतिक उपचार अधिक आसानी से घर बैठे उपलब्ध तथा लोकप्रिय हो गए हैं। घरेलू उपचार के कई फायदे हैं, इसी कारण सदियों से हमारी दादी नानी के नुस्खों के रूप में ये घरेलू एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचते रहे हैं। कुछ प्रमुख फायदे निम्नलिखित हैं :-

· घरेलू उपचार का प्रयोग करना और तैयार करना सरल है। किसी विशेषज्ञता की आवश्यकता नहीं है। कोई भी उन्हें तैयार कर सकता है और प्रभावी ढंग से उनका उपयोग कर सकता है।

· घरेलू उपचार के कम दुष्प्रभाव हैं और यदि हैं भी तो ये बहुत हल्के होते हैं।

· घरेलू उपचार सामान्यतया कोई ऐसा रसायन नहीं होता जो शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।

· घरेलू उपचार सस्ते और आसानी से मिलते हैं। वे किसी के किचन, खेत में या सस्ती दरों पर आसानी से बाजार से लें सकते हैं।

· कई बीमारियों में घरेलू उपचार अधिक प्रभावी होते हैं।

· एक ही घरेलू उपचार का कई प्रकार की बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

 

प्याज से चर्मरोगों का उपचार (Uses of Onion in Skin Diseases in Hindi)

1. प्याज के बीजों को पीसकर लेप करने से सफेद कुष्ठ में लाभ होता है।

2. प्याज को सिरके में पीसकर दाद या काले दाग वाली किसी सूजन पर लगाने से बहुत लाभ होता है।

3. प्याज को घी में तलकर घाव/त्वचा पर बाँधें। ...

4. प्याज के रस को भी घाव/त्वचा पर लगाने से भी लाभ होता है।

नाक के रोग में प्याज का सेवन लाभदायक (Uses of Onion to Cure Nose Disease in Hindi)

प्याज के 10-20 मिली रस में 1 चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो-तीन बार चाटने से नजला मिटता है।

नाक से खून आने के कई कारण होते हैं। खून का थक्का जमाने का प्याज के औषधीय गुण होता है। नाक से खून आने की हालत में प्याज के पत्तों का 1-2 बूँद रस नाक में डालने से खून का थक्का जम जाता है और खून बहना बंद (pyaz ke fayde) हो जाता है।

 

कान की बीमारी में प्याज का रस फायदेमंद (Onion Uses in Ear Disease Treatment in Hindi)

कान में सूजन होने की स्थिति में अलसी को प्याज के रस (pyaj ke ras ke fayde) में पकाकर छान लें। इस रस को गुनगुना कर कान में इसकी 4 से 8 बूँद डालें। इससे कान में दर्द, सूजन और अन्य प्रकार की समस्याएँ दूर (pyaj ke fayde) होती हैं।

 

दांतों-मसूड़ों के लिए प्याज के फायदे (Onion is Beneficial for Dental-Oral Health in Hindi)

प्याज खाने के फायदे (pyaz ke fayde) ये हैं कि आप दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ बना सकते हैं। दांतों में दर्द होने या मसूड़ों के फूलने की स्थिति में प्याज और कलौंजी को बराबर मात्रा में लेकर चिलम में रख दें। धीरे धीरे उसके धुएं का सेवन करें। ऐसा करने से मसूड़ों की सूजन दूर होती है और दांतों का दर्द भी मिट (onion benefits in hindi) जाता है।

गले के रोग में प्याज से लाभ (Onion Benefits to Cure Throat Disease in Hindi)

 

प्याज को सिरका के साथ पीसकर तरल तैयार कर लें। इसका नियमित सेवन करने से कंठ रोग की बहुत-सी समस्याएँ दूर (pyaj ke fayde) होती हैं।

कफ दूर करने के लिए करें प्याज का सेवन (Benefits of Onion for Cough in Hindi)

छोटे बच्चों में कफ से होने वाले रोगों में प्याज के 5-10 मिली रस (pyaz ka ras) में 10 ग्राम चीनी मिलाकर पिलाना चाहिए। ऐसा करने से कफ का प्रभाव दूर होता है। छोटे बच्चे की माताओं को कफ से होने वाले रोगों की हालत में 1-2 नग प्याज  को पानी में उबालें।

इसे पिलाने से लाभ (pyaz ke fayde) होता है। इसका सेवन करने से वात की कमी होती है और कफ पतला होकर बाहर निकल जाता है, घबराहट कम हो जाती है और पित्त भी बाहर निकल जाता है।

 

दमा में लाभकारी है प्याज का सेवन (Onion is Beneficial in Asthma in Hindi)

सांसों के रोग जैसे दमा के रोगी को प्याज का काढ़ा बनाकर 40-60 मिली की मात्रा में सुबह शाम पिलाने से तुरंत लाभ होता है। प्याज की जड़ के रस का सेवन करने से तेज हिचकी तथा दमा में लाभ (onion ke fayde) होता है।

पाचनशक्ति बढ़ाए प्याज (Onion Benefits in digestion in Hindi)

प्याज खाने के फायदे (pyaz ke fayde) पाचनशक्ति विकार को ठीक करने में भी मिलते हैं। प्याज के रस के सेवन से या कच्चा प्याज खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है और कमजोर पाचन के कारण होने वाली बीमारियां दूर (pyaz ke fayde) होती हैं।

प्याज के 20 मिली रस में 125 मिग्रा हींग और 1 ग्राम काला नमक व नींबू का रस मिला लें। इसे दिन में तीन बार पिलाने से पेट के दर्द में लाभ (pyaj ke fayde) होता है।

प्याज के 1-2 नग को 50 मिली सिरका के साथ मिलाकर खाने से आमाशय को बल मिलता है और पाचन सही तरह (onion benefits in hindi) से होता है।

बवासीर में लाभदायक है प्याज का प्रयोग (Benefits of Onion in Piles Treatment in Hindi)

· अक्सर कब्ज से पीड़ित लोग बवासीर (Piles) का शिकार हो जाते हैं। बवासीर से खून आने की स्थिति में सफेद प्याज के 20-30 मिली रस का सेवन करना अच्छा होता है। दिन में दो-तीन बार करने से खून आना बंद हो जाता है।

· सफेद प्याज का छाछ के साथ सेवन करने से और भी ज्यादा लाभ (onion ke fayde) होता है।

· दो प्याज को बालू में भूनकर या सेंककर छिलका उतार लें। इसका लुगदी बनाकर बवासीर के मस्सों पर बाँधने से बहुत लाभ (pyaj khane ke fayde) होता है।

· प्याज के 125 मिली रस में 20 ग्राम मिश्री मिलाकर पिलाने से खूनी बवासीर में लाभ होता है।

· प्याज की सब्जी पकाकर छाछ के साथ सेवन करने से भी खूनी बवासीर में लाभ (pyaj khane ke fayde) होता है।

· मध्यम आकार के तीन प्याज और 10-15 ग्राम इमली के पत्तों को मिलाकर पीस लें। इसे 500 मिग्रा की गोली बनाकर खिलाने से पेट साफ़ होता है।

प्याज के इस्तेमाल से पेचिश का इलाज (Uses of Onion to Stop Dysentery in Hindi)

· दस्त होने की हालत में प्याज के 6 मिली रस में, 125 मिग्रा काली मिर्च का चूर्ण, 250 मिग्रा कपूर तथा चूने या केले का 25 मिली पानी मिला लें। इसे 15-15 मिनट बाद या आधा घण्टे के अंतर से देने से उल्टी तथा दस्त बंद हो जाते हैं।

· इससे शरीर की ऐंठन भी दूर हो जाती है।

· अन्य तरीके से उपचार के लिए 25 ग्राम प्याज व काली मिर्च के छह नग को बिल्कुल महीन पीस कर जल में मिलाकर पिला दें। एक बार भी यह घोल पिला देने से दस्त (Dysentery) में लाभ हो जाता है। इसमें थोड़ी मिश्री मिला दें तो और भी अच्छा परिणाम आता है।

· प्याज के 10 मिली रस में 125 मिग्रा कपूर व बराबर मात्रा में चूने का पानी मिलाकर पीने से भी दस्त (Dysentery) में लाभ होता है। केवल प्याज रस के सेवन से भी इसमें लाभ होता है।

पीलिया के इलाज के लिए करें प्याज का प्रयोग (Onion Uses in Fighting with Jaundice in Hindi)

कामला (एक प्रकार का पीलिया) होने की स्थिति में प्याज या प्याज के रस का सेवन करें। इससे बहुत लाभ होता है। इनका सेवन प्लीहा या  तिल्ली की वृद्धि (Spleenomegaly) में भी लाभ पहुंचाता है।

गुर्दे की पथरी का इलाज है प्याज का रस (Benefits of Onion in Kidney Stone Treatment in Hindi)

प्याज के 10-20 मिली ताजा रस को दिन में तीन बार पीने से गुर्दे (Kidney) की पथरी चूर चूर हो जाती है और पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाती है।

प्याज का काढ़ा बनाकर 10-30 मिली मात्रा में पिलाने से पेशाब में जलन की समस्या दूर होती है।

यौन रोग में प्याज के फायदे (Onion Benefits in Sexual Problem in Hindi)

हस्तमैथुन के कारण आयी नपुंसकता, सूजाक तथा डायबिटीज (Diabetes) जैसे रोगों में प्याज काफी फायदा देता है। इसके लिए 6 मिली रस में 4 ग्राम गाय का घी और 3 ग्राम मधु मिला लें। इसे सुबह और शाम चाटने से तथा रात को दूध पीने से बहुत लाभ होता है।

मिर्गी में प्याज से लाभ (Onion Uses in Epilepsy in Hindi)

प्याज के कंदों को कुचलकर सुंघाने से सामान्य मिर्गी से होने वाली बेहोशी आदि दूर हो जाती है।

मासिक चक्र विकार में प्याज के फायदे (Uses of Onion in Menstruation Disorder in Hindi)

आजकल के व्यस्त जीवन के कारण अक्सर महिलाओं को मासिक चक्र की समस्या होती है।  कच्चे प्याज का नियमित सेवन करने से मासिक चक्र भी नियमित होता है।

कामशक्ति बढ़ाने में प्याज फायदेमंद (Uses of Onion in Increasing Sex Stamina in Hindi)

· प्याज को किसी बर्तन में भर लें। इस बर्तन का मुँह इस प्रकार बंद कर देना चाहिए कि उसमें हवा न जाने पाए। इस बर्तन को जहाँ गाय बाँधी जाती हो उस जमीन में गाड़ देना चाहिए। चार महीने बाद निकालकर एक प्याज रोज खाने से काम शक्ति (Sex Stamina) बढ़ती है।

· प्याज के आधा लीटर रस में 2 लीटर शहद व 250 ग्राम चीनी मिलाकर शर्बत बनाकर रखें। इस शर्बत के 25 मिली रोजाना सेवन करने से भी कामशक्ति बढ़ती है।

· प्याज की तीस गाँठों को लेकर बर्तन में रखकर उन पर ताजा दूध इतना डालें कि दूध 8 अंगुल ऊपर रहे। इसे आंच पर इतना पकाएं कि प्याज गल जाय। पकने पर आग से नीचे उतार लें। अब प्याज के बराबर गाय का घी और बराबर मात्रा में मधु मिला लें। इसे फिर से थोड़ी देर पकाए और अंत में 60 ग्राम कुंजन डालें। इस औषधि को 3-4 चम्मच की मात्रा में रोज सेवन करें।

 

गठिया का इलाज प्याज (Uses of Onion in Arthritis Treatment in Hindi)

· प्याज के रस और राई तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर मालिश करने से गठिया का दर्द दूर हो जाता है।

· प्याज के 1-2 नग को गाय के मूत्र में पीसकर गर्म करके बंद गाँठ पर लगाने से ग्रन्थि (Grandular swelling) खुल जाती है और दर्द कम हो जाता है।

· वात के कारण होने वाले दर्द जैसे कि कमर दर्द, पक्षाघात (लकवा) तथा तंत्रिकाओं में दर्द आदि की स्थिति में प्याज का सेवन करने से लाभ होता है।

· आमवात के कारण होने वाले दर्द (गठिया) में प्याज के क्वाथ में समान मात्रा में सर्षप तेल मिलाकर लगाने से लाभ होता है।

नपुंसकता में प्याज के फायदे (Onion Uses in Impotence in Hindi)

प्याज खाने के फायदे (pyaz ke fayde) नपुंसकता की परेशानी में भी मिलता है। हस्तमैथुन के कारण आयी नपुंसकता, सूजाक तथा प्रमेह (Diabetes) जैसे रोगों में प्याज से लाभ होता है। इसके लिए प्याज के 6 मिली रस में 4 ग्राम गाय का घी और 3 ग्राम मधु मिलाकर सुबह और शाम चाटें। इसके बाद रात को दूध पीने से बहुत लाभ होता है।

 

प्याज से चर्मरोगों का उपचार (Uses of Onion in Skin Diseases in Hindi)

· प्याज के बीजों को पीसकर लेप करने से सफेद कुष्ठ में लाभ होता है।

· प्याज को सिरके में पीसकर दाद या काले दाग वाली किसी सूजन पर लगाने से बहुत लाभ होता है।

· प्याज को घी में तलकर घाव/त्वचा पर बाँधें। इससे फुन्सी-गाँठ, फोड़े, युवावस्था के कारण त्वचा में होने वाले बदलाव, कंठमाला इत्यादि रोगों में लाभ होता है।

· प्याज के रस को भी घाव/त्वचा पर लगाने से भी लाभ होता है।

· प्याज के छिलके को गर्म कर बाँधने से नाड़ी में दर्द और घाव की सूजन आदि में लाभ होता है।

हिस्टीरिया में प्याज से फायदा (Uses of Onion in Hysteria in Hindi)

प्याज (pyaz)के कंदों को कुचलकर सुंघाने से सामान्य हिस्टीरिया (Hysteria) में लाभ होता है।

 

अनिद्रा दूर करे प्याज की चाय (Uses of Onion in Insomnia in Hindi)

प्याज के बीजों (pyaz) की बनाई हुई चाय अनिद्रा रोग को दूर करती है। चिड़चिडे बच्चों को जब किसी अन्य साधन से कुछ फायदा नहीं होता और नींद नहीं आती, तब यह पेय लाभ पहुंचाती है।

शारीरिक कमजोरी दूर करता है प्याज का रस (Benefits of Onion in Cure Body Weakness in Hindi)

प्याज (pyaz) के 10-15 मिली रस में बराबर मात्रा में घी मिला कर पीने से शारीरिक शक्ति बढ़ती है और स्फूर्ति आती है।

 

खून साफ़ करता है प्याज (Onion Benefits in Blood Purification in Hindi)

प्याज के 50 मिली रस में 10 ग्राम मिश्री तथा 1 ग्राम भुने हुए सफ़ेद जीरे को मिला लें। इसे रोज सेवन करने से खून साफ होता है।

खून के विकारों के कारण होने वाली छाजन, पामा (Scabies) आदि समस्याएँ दूर होती हैं।

 

बुखार में प्याज के इस्तेमाल से फायदा (Uses of Onion in Fighting with fever in Hindi)

बुखार, जलोदर (Ascitis), सर्दी-जुकाम तथा पुरानी खाँसी में प्याज का नियमित प्रयोग लाभदायक है। प्याज को काटकर उसपर काली मिर्च छिड़क कर दिन दो बार खाने से वात विकार के कारण आया बुखार कम होता है।

 

कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने में फायदेमंद प्याज (Onion Beneficial to Control Cholesterol in Hindi)

एक रिसर्च के अनुसार प्याज के निर्यास में कुछ ऐसे गुण भी पाए जाते हैं जो कि कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।  

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में फायदेमंद प्याज (Onion Beneficial to Boost Immunity in Hindi)

आयुर्वेद के अनुसार प्याज में ओजस्कर गुण होने के कारण ये प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने  में फायदेमंद होता है साथ हि एक रिसर्च के अनुसार प्याज में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का गुण भी पाया जाता है। 

कैंसर के इलाज में फायदेमंद प्याज (Onion Beneficial to Treat Cancer in Hindi)

एक रिसर्च के अनुसार प्याज में एंटी कैंसरकारी गुण भी पाया जाता है जो कि कैंसर के लक्षणों को रोकने का काम भी करता है। 

याद्दाश्त बढ़ाने में सहायक है प्याज (Onion Beneficial to Boost Memory in Hindi)

प्याज में पाए जाने वाले मेध्य  गुण के कारण यह याददाश्त को बढ़ाने में मदद करती है। इसलिए प्याज का संतुलित मात्रा में नियमित सेवन फायदेमंद होता है।

ब्रेस्टफीड करवाने वाले महिलाओं के लिए फायदेमंद प्याज (Onion Beneficial for Breastfeeding mother in Hindi)

प्याज में बल्य गुण होने के कारण यह ये महिलाओं के अंदर की कमजोरी को दूर करती है  जिससे स्तनों में दूध की वृद्धि होने में सहायता मिलती है। 

 

वीर्य की कमी को दूर करे प्याज (Onion Beneficial to Treat Low Sperm Count in Hindi) 

प्याज में वाजीकर गुण और बल्य गुण होने के कारण यह वीर्य की कमी को भी दूर करने में मदद करती है। 

फटी एड़ियों के इलाज में फायदेमंद प्याज (Onion Beneficial to Treat Cracked Heel in Hindi)

एड़ियों का फटने का एक कारण रुक्षता होता है और रुक्षता वात दोष के बढ़ने के कारण होती है। प्याज में वात का शमन करने का गुण पाया जाता है जिससे इसमें लाभ मिलता है। 

फेफड़ों के रोग को दूर करने में फायदेमंद प्याज (Onion Beneficial to Treat Lungs Diseases in Hindi)

फेफड़ों की परेशानियाँ ज्यादातर कफ दोष के बढ़ने के कारण होती है। प्याज़ में कफ का शमन करने के कारण यह फेफड़ों के विकारों को दूर करने में भी मदद करती है। 

प्याज करे लू को बेअसर (Onion Uses in Heat Stroke Treatment in Hindi)

लू लगने की हालत में प्याज के ताजे रस को शरीर पर मलने से लू का प्रभाव तुरंत समाप्त हो जाता है।

 

सूजन दूर करता है प्याज (Onion Benefits in Reducing Swelling in Hindi)

प्याज से बने काढ़ा में समान मात्रा में सरसों तेल मिला लें। इसे सूजन पर लगाने से सूजन कम होने लगती है।

कीड़ों के काटने पर प्याज से लाभ (Uses of Onion in Insect Biting Treatment in Hindi)

जहाँ कीड़ा कटा हो, उस स्थान पर प्याज का रस मलें। इससे जलन धीरे धीरे खत्म हो जाती है।

 

बिच्छू के काटने पर करें प्याज का प्रयोग (Onion Uses in Cure Scorpion Biting in Hindi)

बिच्छू के काटने पर प्याज को काटकर उस पर बुझा हुआ चूना लगा लें। इसे काटे हुए स्थान पर रगड़ने से बिच्छू के विष के प्रभाव खत्म होने लगते हैं।

जंगली प्याज के प्रयोग एवं लाभ (Benefits and Uses of Wild Onion in Hindi)

 सांसों के रोगों को ठीक करने में उपयोगी जंगली प्याज (Wild Onion is Beneficial in Asthma in Hindi)

दमा, कास (खांसी), कामला (एक प्रकार का पीलिया) आदि रोगों से ग्रसित व्यक्ति को जंगली प्याज के 10-15 बूँद रस पिलाने से आराम मिलता है।

इसका सेवन करने से श्वासन नली की सूजन भी दूर होने लगती है।

पेट के लिए फायदेमंद है जंगली प्याज (Uses of Wild Onion in Gastro Problems in Hindi)

जंगली प्याज का नियमित सेवन करने से पेट के कई तरह के रोगों में लाभ होता है। इसके सेवन से पेट के कीड़े भी नष्ट होते हैं।

त्वचा के रोगों को ठीक करता है जंगली प्याज (Wild Onion Uses in Skin Diseases in Hindi)

त्वचा में खुजली, तिल निकलना आदि विकारों व गठिया की समस्या में जंगली प्याज को पीसकर अथवा इसका रस निकाल लें। इसे लगाने से खुजली कम होती और अन्य समस्याएँ भी दूर होती हैं।

जंगली प्याज को पीसकर पैरों के तलुओं में लगाने से तलुवों की जलन शांत होती है। 

प्याज के विशिष्ट प्रयोग (Special Uses of Onion in Hindi)

 संक्रामक रोगों से बचाता है प्याज (Uses of Onion in Infectious Diseases in Hindi)

हवा के माध्यम से शीघ्र फैल जाने वाले रोगों से बचने के लिए प्याज (pyaj) को काट कर इसके टुकड़े पास में रख लेना चाहिए। आप इन टुकड़ों को दरवाजे पर भी बाँध सकते हैं।  ऐसा करने से ये रोग बढ़ते नहीं हैं।

प्याज के सेवन की मात्रा (How Much to Consume Onion?)

औषधि के रूप में प्याज  (payaz) का सेवन इतनी मात्रा में करना चाहिएः-

1. शल्ककन्द रस – 10-30 मिली,

2. बीज चूर्ण – 1-3 ग्राम

अधिक लाभ के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक के परामर्शानुसार प्याज का इस्तेमाल करें।

 प्याज के प्रयोग के तरीके (How to Use Onion?)

प्याज  (payaz) के इन भागों और रूपों का प्रयोग ऊपर बताए गए तरीकों से किया जा सकता है:-

1. शल्ककन्द,

2. पत्ते,

3. बीज,

4. वाष्पशील तेल 

प्याज के प्रयोग के नुकसान (Side effects of Onion in Hindi)

प्याज से ये नुकसान (pyaz ke nuksan) हो सकते हैंः-

प्याज (onion in hindi) में तीव्र दुर्गन्ध होती है। यह पुरुषों में कामुकता और महिलाओं में रजोगुण को बढ़ा करके कम भावना को तेज करता (pyaj khane ke nuksan) है।

इन कारणों से मनुस्मृति आदि ग्रन्थों में प्याज का आहार के रूप में उपयोग करने से मना (pyaz ke nuksan) किया गया है।

इसलिए औषधि के रूप में इसके विशिष्ट प्रयोग के लिए चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।

प्याज कहाँ पाया या उगाया जाता है (Where is Onion Found and grown in Hindi)

पूरे भारत में मुख्यतः गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश एवं दक्षिण भारत में प्याज (payaz) की खेती की जाती है। प्याज की खेती सामान्य सब्जियों की तरह ही होती है।